दूरदर्शिता और मिशन

सीएसआईआर मिशन एवं दृष्टि

सीएसआईआर का नया मिशन सीएसआईआर सोसाइटी के अध्‍यक्ष द्वारा की गई टिप्‍पणी कि “ऐसा नया सीएसआईआर बनाया जाए जो आधुनिक भारत की अपेक्षाओं को पूरा करे”--- से प्रेरित है ।

अत: सीएसआईआर का मिशन महज- नए भारत के लिए नए सीएसआईआर का निर्माण करना है ।

सीएसआईआर का दृष्टि

“ऐसा विज्ञान करना जो वैश्विक प्रभाव के लिए प्रयास करे, ऐसी प्रौद्योगिकी तैयार करना जो नवोन्‍मेष आधारित उद्योग को सक्षम बनाए और पराविषयी नेतृत्‍व को पोषित करे जिसके द्वारा भारत की जनता के लिए समावेशी आर्थिक विकास को उत्‍प्रेरित किया जा सके”।

जन-सामान्‍य तथा देश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सामाजिक सरोकार सीएसआईआर के मिशन के केन्‍द्र बिन्‍दु हैं । राष्‍ट्र के बढ़ते सपनों और अपेक्षाओं के मद्देनजर सीएसआईआर एवम् अन्‍य सार्वजनिक निधि प्रदत्‍त संस्‍थानों से इसकी उम्‍मीद निरन्‍तर बढ़ी है । न सिर्फ वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय विकास गति और उच्‍च जीवन स्‍तर की अपेक्षाएं आज जाहिर हैं बल्कि अर्थ व्‍यवस्‍था और संवृद्धि के अनेक पुराने मिथक टूटे हैं, जैसे कि विनिर्माण से सेवा में परिवर्तन; पूंजीगत संसाधन; बोझ स्‍वरूप जनसंख्‍या को मानव संसाधन रूपी परिसम्‍पति मानना; राष्‍ट्रीय आवश्‍यकताओं का अंतर्राष्‍ट्रीय अवसर में परिवर्तन इत्‍यादि । बदले हुए परिदृश्‍य ने सीएसआईआर को निम्‍नांकित के प्रति प्रेरित किया है:

  • विज्ञान एवम् इंजीनियरी नेतृत्‍व;
  • नवीन प्रौद्योगिकी समाधान;
  • मुक्‍त नवोन्‍मेष और सर्वोच्‍च स्रोत;
  • पराविषयी क्षेत्रों में प्रतिभा का पोषण करना;
  • विज्ञान पर आधारित उद्यमशीलता; और
  • विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी अंतराक्षेपण के माध्‍यम से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन।

“वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद 65 वर्ष पुरानी है और डॉ. भटनागर द्वारा उस समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए इसका गठन किया गया था । मैं ऐसे नए सीएसआईआर का निर्माण करना चाहता हूँ जो आधुनिक भारत की अपेक्षाओं को पूरा करे”........माननीय प्रधानमंत्री

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