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इस्‍टैड द्वारा समन्वित विभिन्‍न समझौता ज्ञापन (एमओयू) क्‍या हैं ?

इस्‍टैड या तो सीएसआईआर या सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं द्वारा विदेशी भागीदारों के साथ हस्‍ताक्षर किए जाने वाले प्रस्‍तावित सभी द्धिपक्षीय एवं बहुपक्षीय समझौता ज्ञापनों का समन्‍वयन करता है । ये समझौता ज्ञापन नॉन-डिस्‍क्‍लोजर एग्रीमेंट (एनडीए), मैटिरियल ट्रांस्फर एग्रीमेंट्स (एमटीए) लैटर ऑव इंटेन्‍ट, लैटर ऑव एग्रीमेंट (एलओए), इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी मैनेजमेंट (आईपीएम), प्‍लान, मेमोरंडम ऑव कोऑपरेशन, मेमोरंडम ऑव एग्रीमेंट आदि के रूप में हो सकते हैं, जहां कोई व्‍यावसायिक लेन-देन शामिल नहीं हो ।

आवश्‍यक अनुमोदन प्राप्‍त करने के लिए इस्‍टैड को भेजे जाने वाले अपेक्षित दस्‍तावेज/सूचना क्‍या हैं ?

एमओयू की पारस्‍परिक रूप से सहमति वाले टेक्‍स्‍ट के साथ-साथ नीचे दी गई सूचना (यदि पहले से एमओयू/समझौते में शामिल नहीं है) इस्‍टैड को भेजी जानी चाहिए

  1. भागीदारी हेतु क्षेत्र/परियोजनाएं
  2. स्‍पष्‍ट उद्देश्‍यों और उनके निष्‍पादन की योजना
  3. भागीदारी के मोड्स/फॉर्म्‍स (जैसे छात्रों/वैज्ञानिकों का आदान- प्रदान,
  4. परियोजनाओं का कार्यान्‍वयन, केंद्रो की स्‍थापना करना, आदि)

  5. नियोजित गतिविधियों को लागू करने के लिए निधियों का स्रोत
  6. बौद्धिक सम्‍पदा (आईपी) की पृष्‍ठभूमि और इस सहयोग के तहत सृजित होने वाली आईपी के संरक्षण और साझा करने हेतु उपाय
  7. इस सहयोग से सीएसआईआर/भारत के अपेक्षित हित और लाभ ।
  8. यदि समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर नहीं किए जाते हैं और औपचारिक भागीदारी जारी रखने के लिए क्रियान्वित नहीं किया जाता है तो सीएसआईआर/भारत का नुकसान होता है ।
  9. संस्‍थान द्वारा हस्‍ताक्षर किए गए समान एमओयू/सहयोग करारों की संख्‍या और ऐसे प्रत्‍येक करार की वर्तमान कार्यान्‍वयन स्थिति
  10. संयुक्‍त गतिविधियों के स्‍थान से संबंधित किसी भी सुरक्षा/संवेदनशीलता के मुद्दों को शामिल करना (पूर्व संदर्भ देशों (एमएचए साइट पर सूचीबद्ध) को शामिल करना या भारत में ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की भागीदारी जिनके लिए एमएचए क्‍लीयरेंस की आवश्‍यकता होती है जिसके लिए इस्‍टैड द्वारा कार्रवाई की जाएगी), संवेदनशील सामग्रियों का आदान-प्रदान (मानव, संयंत्र, भौगोलिक; प्रयोगशाला द्वारा भारत सरकार के प्राधिकारी से पूर्व मंजूरी प्राप्‍त की जाएगी) ।
किसी सहयोग समझौता ज्ञापन/करार के लिए अनिवार्य धाराएं क्‍या हैं ?
  1. भागीदार संगठनों के नामों के साथ-साथ उनकी वैधानिक स्थिति का स्‍पष्‍ट रूप से उल्‍लेख किया गया हो
  2. उद्देश्‍यों को स्‍पष्‍ट रूप से परिभाषित किया गया हो
  3. सहयोग क्षेत्र
  4. सहयोग गतिविधियों के मोड्स/फॉर्म्‍स
  5. सहयोग प्रबन्‍धन; इसमें सहयोग गतिविधियों (संयुक्‍त समिति, नोडल कॉन्‍टेक्‍ट प्‍वाइंट्स आदि) की समीक्षा और समन्‍वयन हेतु प्रस्‍तावित विधि सम्मिलित की जा सकती है ।
  6. वित्‍तीय निहितार्थ और प्रशासनिक शर्ते (अधिनियम 5)
  7. गोपनीय सूचना और इसके उपयोग/गैर उपयोग अधिकारों और प्रावधानों को परिभाषित करना
  8. बौद्धिक सम्‍पदा, पृष्‍ठभूमि और अग्रभूमि दोनों के उपयोग, साझा और स्‍वामित्‍व को परिभाषित करना
  9. संदहों/विवादों के मामले में शासी कानूनों और विवाचन की अनुप्रयोज्‍यता
  10. अप्रत्‍याशित घटना
  11. अन्‍य सामान्‍य शर्तें, वैधता और समापन धाराएं
विभिन्‍न प्रकार के समझौता ज्ञापनों/करारों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया क्‍या है ?
  1. क) एनडीए-एनडीए को महानिदेशक, सीएसआईआर द्वारा अनुमोदित किया जाता है । यदि आवश्‍यक हो, एनडीए में उल्लिखित नियमों और शर्तों के आधार पर विधि सलाहकार (एलए), सीएसआईआर और आईपी यूनिट की टिप्‍पणियां प्राप्‍त की जाएं ।
  2. सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित सहयोगी परियोजनाओं के तहत गोपनीयता करार, बौद्धिक संपदा प्रबंधन (आईपीएम) योजना: महानिदेशक, सीएसआईआर द्वारा गोपनीयता करार को मंजूरी दी जाती है । करार में उल्लिखित नियमों और शर्तों के आधार पर विधि सलाहकार (एलए) सीएसआईआर और आईपी यूनिट की टिप्‍पणियां प्राप्‍त की जा सकती हैं ।
  3. एमटीए-जैविक सामग्री के हस्‍तांतरण के लिए एमटीए निष्‍पादित करने का प्रस्‍ताव करने वाली सीएसआईआर की प्रयोगशाला को आईसीएमआर (मानव जैविक सामग्री के लिए) या राष्‍ट्रीय जैवविविधता प्राधिकरण (संयंत्र जैविक सामग्री के लिए) से आवश्‍यक अनुमोदन प्राप्‍त करना चाहिए । आवश्‍यक अनुमोदन के साथ-साथ एमटीए को आगे की मंजूरी के लिए इस्‍टैड को भेजा जाना चाहिए ।
  4. आशय पत्र, समझौता ज्ञापन, सहयोग ज्ञापन, करार-समझौता निम्‍नलिखित मानक अनुमोदन प्रक्रिया इन समझौता ज्ञापनों/करारों पर लागू होगी ।
    1. सीएसआईआर-आईपीयू और सीएसआईआर विधि प्रकोष्‍ठ के परामर्श से इस्‍टैड द्वारा मसौदा एमओयू/करार का मूल्‍यांकन करना, जहां भी आईपीआर और सम्‍बद्ध कानूनी मुद्दों की जांच करने के लिए लागू हो ।
    2. भारत सरकार (एमईए, डीपीआईआईटी, एमएचए जो लागू हो) की क्‍लीयरेंस प्राप्‍त करना ।
    3. सचिव, डीएसआईआर और डीजी, सीएसआईआर का अनुमोदन प्राप्‍त करना ।
    4. उपाध्‍यक्ष, सीएसआईआर और माननीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्‍त करना जहां वीवीआईपी (प्रधानमंत्री/अध्‍यक्ष/मंत्री स्‍तर) की बैठकों के दौरान एमओयू (संघ के किसी देश से संबंध बनाने) पर हस्‍ताक्षर किए जाने हैं/आदान-प्रदान किया जाना है/घोषणा की जानी है ।
अनुमोदन प्रक्रिया में कितना समय लगता है ?

चूंकि एमओयू डीपीआईआईटी और एमईए को भेजा जाता है, इसलिए इसे लगभग 4-6 सप्‍ताह लग सकते हैं । कुछ मामलों में, इसमें अधिक समय भी लग सकता है, विशेष रूप से यदि एमएचए क्‍लीयरेंस की भी आवश्‍यकता होती है ।

क्‍या सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं को हस्‍ताक्षरित एमओयू की प्रति इस्‍टैड को भेजने की आवश्‍यकता होती है ?

हां, हस्‍ताक्षर किए गए एमओयू/करार की एक प्रति इस पर हस्‍ताक्षर करने के एक महीने के भीतर रिकॉर्ड और संदर्भ के लिए इस्‍टैड को भेजी जानी चाहिए ।

क्‍या एमओयू में नियोजित गतिविधियों के निष्‍पादन के लिए सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं को वित्‍त पोषण मिलेगा ?

नहीं, सीएसआईआर की प्रयोगशालाएं गतिविधियों के निष्‍पादन के लिए अपने स्‍वयं की निधियों का उपयोग करेंगी ।

विदेशी अनुसंधान और प्रौद्योगिकी संगठनों के साथ सीएसआईआर के मौजूदा सहयोग के बारे में सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं को कैसे पता चलता है ?

सीएसआईआर द्वारा विदेशी भागीदारों के साथ हस्‍ताक्षर किए गए एमओयू/करारों की सूची सीएसआईआर की वेबसाइट पर उपलब्‍ध है या इनके लिए प्रमुख, इस्‍टैड से अनुरोध किया जा सकता है ।

प्रतिनियुक्ति प्रस्‍तावों (डेप्‍यूटेशन प्रोपोजल्स) के लिए कौन-कौन से दस्‍तावेज जरूरी हैं ?

प्रतिनियुक्ति प्रस्‍तावों पर कार्रवाई करने के लिए निम्‍नलिखित दस्‍तावेजों की आवश्‍यकता होती है

  1. दौरे के लिए लागू प्रोफार्मा (सभी तरह से पूर्ण) भरा हुआ ।
  2. तारीखों सहित निमंत्रण ।
  3. दौरे से सीएसआईआर को मात्रात्‍मक लाभ ।
  4. सम्‍मेलन/कार्यशाला का ब्रोशर, यदि लागू हो ।
  5. निधि का विवरण ।
  6. यदि अन्‍य संस्‍थान द्वारा निधि उपलब्‍ध कराई जाती है: संस्‍थान का सहमति पत्र ।
  7. यदि निधि परियोजना से ली गई हो: परियोजना का नाम, परियोजना का स्‍वीकृति दस्‍तावेज, परियोजना का व्‍यय विवरण (एफएओ द्वारा हस्‍ताक्षरित)
  8. 5 अक्‍टूबर, 2015 के पत्र प्रारूप पर गत दो वर्षों की यात्राओं के वित्‍त पोषण की अनिवार्य जानकारी ।
  9. मुख्‍य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सीएसआईआर द्वारा निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार विजिलेंस प्रोफार्मा ।
  10. गत तीन वर्षों की विदेश यात्राओं का विवरण ।
  11. अंतिम प्रतिनियुक्ति रिपोर्ट ।
  12. संक्षिप्‍त जीवन वृत्‍त (सीवी) ।
  13. दिन-प्रतिदिन का विस्‍तृत कार्यक्रम ।
  14. पे लेवल, सरकारी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर (निदेशक के लिए) ।
  15. विस्‍तृत यात्रा कार्यक्रम ।
  16. दौरे पर सक्षम प्राधिकारी से ईएल की स्‍वीकृति (यदि लागू हो) ।
  17. विदेशी आतिथ्‍य को वस्‍तु रूप में अथवा नकद में स्‍वीकार करने के लिए एफसीआरए (एमएचए) से पूर्व अनुमति ।
  18. वार्षिक प्रॉपर्टी रिटर्न ।
  19. कार्यवाहक निदेशक का वार्षिक संपत्ति रिटर्न (निदेशक की यात्रा के मामले में) ।
  20. विदेशी दौरे फार्म के लिए पूरी तरह से भरे हुए इनपुट्स ।
  21. पीआरसी भाग-1 और भाग-2 फॉर्म ।
सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं द्वारा अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन/कार्यशाला/संगोष्‍ठी आदि के आयोजन के लिए क्‍या अपेक्षाएं हैं ?

अंतर्राष्‍ट्रीय कार्यक्रमों के लिए वित्‍त मंत्रालय (व्‍यय विभाग) के दिनांक 31.05.2010 के का. ज्ञा. सं. 7(1)/ई कोऑर्ड/2010 (दिनांक 30.05.2018 के का. ज्ञा. सं. 19(36)/ई. कोऑर्ड/2018 द्वारा संशोधित) में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करनी पड़ती है । सैद्धान्तिक रूप से प्रभारी मंत्री का अनुमोदन 4-6 माह पूर्व लिया जाए ।

भारत सरकार की आवश्‍यक क्‍लीयरेंस और सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन पर कार्रवाई करने के लिए निम्‍नांकित विवरण सहित सीएसआईआर के संस्‍थानों द्वारा प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किया जा सकता है:

  1. सीएसआईआर की प्रयोगशाला/संस्‍थान के स्‍थानीय वित्‍त द्वारा विधिवत रूप से पुनरीक्षित कार्यक्रम के कुल अनुमानित व्‍यय का ब्रेकअप के साथ विवरण (उदाहरणार्थ यात्रा, स्‍थानीय परिवहन, आवास, भोजन एवं खानपान, स्‍थान बुकिंग, मुद्रण एवं प्रकाशन, पंजीकरण किट/बैग आदि पर व्‍यय) । कृपया ध्‍यान दें कि यह सीएसआईआर द्वारा समय-समय पर परिचालित सीएसआईआर/भारत सरकार के वित्‍त/व्‍यय प्रबन्‍धन मानदंडों/दिशा-निर्देशों के अन्‍तर्गत निर्धारित दरों के अनुरूप हो ।
  2. अनुमोदित निधियों की मात्रा को इंगित करने वाले सरकारी वित्‍त पोषण विभागों/संगठनों से प्राप्‍त फर्म सपोर्ट लेटर्स की प्रतियों के साथ स्‍थानीय वित्‍त द्वारा विधिवत पुनरीक्षित सरकार की ओर से शामिल व्‍यय का विवरण (ब्रेकअप सहित), यदि कोई हो (अर्थात सीएसआईआर/भारत सरकार के विभाग आदि से प्राप्‍त निधियां)
  3. अनुमोदित निधियों की मात्रा को इंगित करने वाले वित्‍तपोषक/प्रायोजक एजेंसियों से प्राप्‍त फर्म सपोर्ट लेटर्स की प्रतियों के साथ स्‍थानीय वित्‍त द्वारा विधिवत पुनरीक्षित बाह्य स्रोतों (गैर जीओआई स्रोत जैसे पंजीकरण शुल्‍क/उद्योग प्रायोजन आदि) से प्राप्‍त/प्राप्‍त किए जाने हेतु प्रस्‍तावित निधियों का विवरण
  4. संस्‍थान के मौजूदा बैंक खाते से संचालित की जा रही कार्यक्रम की निधियों की पुष्टि करना । यदि अलग खाता खोला गया है तो वित्‍त सलाहकार, सीएसआईआर की अनुमति के साथ तत्‍सम्‍बन्‍धी विवरण उपलब्‍ध कराएं (बैंक खाता खोलने और उसके संचालन के सम्‍बन्‍ध में सीएसआईआर के दिनांक 11.11.2014 के का. ज्ञा. सं. 30-2 (37) 12011-आईएफडी द्वारा जारी किए गए आवश्‍यक अनुदेशों का संदर्भ ग्रहण करें )
  5. कार्यक्रम को आयोजित करने में बाह्य एजेंसी (एजेंसियों) (राष्‍ट्रीय एवं विदेशी दोनों) यदि शामिल हैं, द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका, उत्‍तरदायित्‍व और अन्‍य सहायता का विवरण । कृपया उनसे फर्म सपोर्ट लेटर की प्रति उपलब्‍ध कराएं ।
  6. आरसी अनुमोदन की प्रतियां ।
  7. उस व्‍यक्ति/एजेंसी का विवरण जो प्रतिभागियों को निमंत्रण पत्र जारी करेगा ।
  8. विदेशी प्रतिभागी, यदि शामिल हैं, की यात्रा/आवास पर व्‍यय का विवरण तथा उन विदेशी प्रतिभागियों की सूची जिन्‍हें सीएसआईआर की प्रयोगशाला/संस्‍थान द्वारा यात्रा/आवास उपलब्‍ध कराया जाएगा ।
  9. वित्‍त मंत्रालय के दिनांक 30.05.2018 के का. ज्ञा. सं. 19(36)/ई. कोऑर्ड/2018 में निर्धारित किए गए अनुसार विदेशों से आये प्रतिभागियों पर होने वाले यात्रा/आवासीय खर्च के लिए प्रतिबद्धता को न्‍यूनतम रखा जाए । इस संबंध में मंत्रालयों/विभागों द्वारा अत्‍यधिक किफायत और मितव्‍ययिता बरती जाए ।
  10. यदि ऐसा कोई खर्च शामिल नहीं है, तो कृपया स्‍थानीय वित्‍त द्वारा विधिवत पुनिरीक्षित विवरण उपलब्‍ध कराएं, जो यह दर्शाता हो कि ‘‘इस कार्यक्रम में भारत सरकार/सीएसआईआर/प्रयोगशाला स्रोतों से विदेशी प्रतिनिधियों के यात्रा/आवास पर होने वाला व्‍यय शामिल नहीं है’’
  11. वित्‍त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी निदेशों के अनुसार मितव्‍ययिता उपायों के कारण 5 स्‍टार होटलों में सम्‍मेलनों को आयोजित किए जाने की अनुमति नहीं है ।
  12. संलग्‍न प्रोफार्मा (अर्थात् पासपोर्ट विवरण, सम्‍पर्क विवरण, जन्‍म स्‍थान, राष्‍ट्रीयता आदि) के अनुसार अपेक्षित विदेशी प्रतिभागियों की पूर्ण और अंतिम सूची । कृपया ध्‍यान दें कि एमईए और एमएचए सदैव पूर्ण व अंतिम सूची मांगते हैं । आंशिक/अपूर्ण सूचियों पर विचार नहीं किया जाता है और क्‍लीयरेंस प्रक्रिया में कम से कम 6-8 सप्‍ताह लगते हैं ।
  13. प्राइअर रेफरेंस कैटेगोरी (पीआरसी) वाले देशों (अर्थात् अफगानिस्‍तान, ईराक, पाकिस्‍तान, सूडान, पाकिस्‍तानी मूल के विदेशी और स्‍टेटलेस व्‍यक्तियों) से आये विदेशी प्रतिभागियों का विवरण अलग से उपलब्‍ध कराया जाना है । कृपया ऐसे प्रतिभागियों, यदि कोई हों, के सम्‍पूर्ण विवरण को अलग से संलग्‍न प्रोफार्मा (एमएस एक्‍सेल शीट) में प्रस्‍तुत करें क्‍योंकि उन्‍हें एमईए और एमएचए की विशिष्‍ट क्‍लीयरेंस की जरूरत होती है ।

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