सामान्य प्रश्न

प्रतिनियुक्ति प्रस्‍तावों (डेप्‍यूटेशन प्रोपोजल्स) के लिए कौन-कौन से दस्‍तावेज जरूरी हैं ?

प्रतिनियुक्ति प्रस्‍तावों पर कार्रवाई करने के लिए निम्‍नलिखित दस्‍तावेजों की आवश्‍यकता होती है

  1. दौरे के लिए लागू प्रोफार्मा (सभी तरह से पूर्ण) भरा हुआ ।
  2. तारीखों सहित निमंत्रण ।
  3. दौरे से सीएसआईआर को मात्रात्‍मक लाभ ।
  4. सम्‍मेलन/कार्यशाला का ब्रोशर, यदि लागू हो ।
  5. निधि का विवरण ।
  6. यदि अन्‍य संस्‍थान द्वारा निधि उपलब्‍ध कराई जाती है: संस्‍थान का सहमति पत्र ।
  7. यदि निधि परियोजना से ली गई हो: परियोजना का नाम, परियोजना का स्‍वीकृति दस्‍तावेज, परियोजना का व्‍यय विवरण (एफएओ द्वारा हस्‍ताक्षरित)
  8. 5 अक्‍टूबर, 2015 के पत्र प्रारूप पर गत दो वर्षों की यात्राओं के वित्‍त पोषण की अनिवार्य जानकारी ।
  9. मुख्‍य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सीएसआईआर द्वारा निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार विजिलेंस प्रोफार्मा ।
  10. गत तीन वर्षों की विदेश यात्राओं का विवरण ।
  11. अंतिम प्रतिनियुक्ति रिपोर्ट ।
  12. संक्षिप्‍त जीवन वृत्‍त (सीवी) ।
  13. दिन-प्रतिदिन का विस्‍तृत कार्यक्रम ।
  14. पे लेवल, सरकारी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर (निदेशक के लिए) ।
  15. विस्‍तृत यात्रा कार्यक्रम ।
  16. दौरे पर सक्षम प्राधिकारी से ईएल की स्‍वीकृति (यदि लागू हो) ।
  17. विदेशी आतिथ्‍य को वस्‍तु रूप में अथवा नकद में स्‍वीकार करने के लिए एफसीआरए (एमएचए) से पूर्व अनुमति ।
  18. वार्षिक प्रॉपर्टी रिटर्न ।
  19. कार्यवाहक निदेशक का वार्षिक संपत्ति रिटर्न (निदेशक की यात्रा के मामले में) ।
  20. विदेशी दौरे फार्म के लिए पूरी तरह से भरे हुए इनपुट्स ।
  21. पीआरसी भाग-1 और भाग-2 फॉर्म ।
सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं द्वारा अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन/कार्यशाला/संगोष्‍ठी आदि के आयोजन के लिए क्‍या अपेक्षाएं हैं ?

अंतर्राष्‍ट्रीय कार्यक्रमों के लिए वित्‍त मंत्रालय (व्‍यय विभाग) के दिनांक 31.05.2010 के का. ज्ञा. सं. 7(1)/ई कोऑर्ड/2010 (दिनांक 30.05.2018 के का. ज्ञा. सं. 19(36)/ई. कोऑर्ड/2018 द्वारा संशोधित) में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करनी पड़ती है । सैद्धान्तिक रूप से प्रभारी मंत्री का अनुमोदन 4-6 माह पूर्व लिया जाए ।

भारत सरकार की आवश्‍यक क्‍लीयरेंस और सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन पर कार्रवाई करने के लिए निम्‍नांकित विवरण सहित सीएसआईआर के संस्‍थानों द्वारा प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किया जा सकता है:

  1. सीएसआईआर की प्रयोगशाला/संस्‍थान के स्‍थानीय वित्‍त द्वारा विधिवत रूप से पुनरीक्षित कार्यक्रम के कुल अनुमानित व्‍यय का ब्रेकअप के साथ विवरण (उदाहरणार्थ यात्रा, स्‍थानीय परिवहन, आवास, भोजन एवं खानपान, स्‍थान बुकिंग, मुद्रण एवं प्रकाशन, पंजीकरण किट/बैग आदि पर व्‍यय) । कृपया ध्‍यान दें कि यह सीएसआईआर द्वारा समय-समय पर परिचालित सीएसआईआर/भारत सरकार के वित्‍त/व्‍यय प्रबन्‍धन मानदंडों/दिशा-निर्देशों के अन्‍तर्गत निर्धारित दरों के अनुरूप हो ।
  2. अनुमोदित निधियों की मात्रा को इंगित करने वाले सरकारी वित्‍त पोषण विभागों/संगठनों से प्राप्‍त फर्म सपोर्ट लेटर्स की प्रतियों के साथ स्‍थानीय वित्‍त द्वारा विधिवत पुनरीक्षित सरकार की ओर से शामिल व्‍यय का विवरण (ब्रेकअप सहित), यदि कोई हो (अर्थात सीएसआईआर/भारत सरकार के विभाग आदि से प्राप्‍त निधियां)
  3. अनुमोदित निधियों की मात्रा को इंगित करने वाले वित्‍तपोषक/प्रायोजक एजेंसियों से प्राप्‍त फर्म सपोर्ट लेटर्स की प्रतियों के साथ स्‍थानीय वित्‍त द्वारा विधिवत पुनरीक्षित बाह्य स्रोतों (गैर जीओआई स्रोत जैसे पंजीकरण शुल्‍क/उद्योग प्रायोजन आदि) से प्राप्‍त/प्राप्‍त किए जाने हेतु प्रस्‍तावित निधियों का विवरण
  4. संस्‍थान के मौजूदा बैंक खाते से संचालित की जा रही कार्यक्रम की निधियों की पुष्टि करना । यदि अलग खाता खोला गया है तो वित्‍त सलाहकार, सीएसआईआर की अनुमति के साथ तत्‍सम्‍बन्‍धी विवरण उपलब्‍ध कराएं (बैंक खाता खोलने और उसके संचालन के सम्‍बन्‍ध में सीएसआईआर के दिनांक 11.11.2014 के का. ज्ञा. सं. 30-2 (37) 12011-आईएफडी द्वारा जारी किए गए आवश्‍यक अनुदेशों का संदर्भ ग्रहण करें )
  5. कार्यक्रम को आयोजित करने में बाह्य एजेंसी (एजेंसियों) (राष्‍ट्रीय एवं विदेशी दोनों) यदि शामिल हैं, द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका, उत्‍तरदायित्‍व और अन्‍य सहायता का विवरण । कृपया उनसे फर्म सपोर्ट लेटर की प्रति उपलब्‍ध कराएं ।
  6. आरसी अनुमोदन की प्रतियां ।
  7. उस व्‍यक्ति/एजेंसी का विवरण जो प्रतिभागियों को निमंत्रण पत्र जारी करेगा ।
  8. विदेशी प्रतिभागी, यदि शामिल हैं, की यात्रा/आवास पर व्‍यय का विवरण तथा उन विदेशी प्रतिभागियों की सूची जिन्‍हें सीएसआईआर की प्रयोगशाला/संस्‍थान द्वारा यात्रा/आवास उपलब्‍ध कराया जाएगा ।
  9. वित्‍त मंत्रालय के दिनांक 30.05.2018 के का. ज्ञा. सं. 19(36)/ई. कोऑर्ड/2018 में निर्धारित किए गए अनुसार विदेशों से आये प्रतिभागियों पर होने वाले यात्रा/आवासीय खर्च के लिए प्रतिबद्धता को न्‍यूनतम रखा जाए । इस संबंध में मंत्रालयों/विभागों द्वारा अत्‍यधिक किफायत और मितव्‍ययिता बरती जाए ।
  10. यदि ऐसा कोई खर्च शामिल नहीं है, तो कृपया स्‍थानीय वित्‍त द्वारा विधिवत पुनिरीक्षित विवरण उपलब्‍ध कराएं, जो यह दर्शाता हो कि ‘‘इस कार्यक्रम में भारत सरकार/सीएसआईआर/प्रयोगशाला स्रोतों से विदेशी प्रतिनिधियों के यात्रा/आवास पर होने वाला व्‍यय शामिल नहीं है’’
  11. वित्‍त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी निदेशों के अनुसार मितव्‍ययिता उपायों के कारण 5 स्‍टार होटलों में सम्‍मेलनों को आयोजित किए जाने की अनुमति नहीं है ।
  12. संलग्‍न प्रोफार्मा (अर्थात् पासपोर्ट विवरण, सम्‍पर्क विवरण, जन्‍म स्‍थान, राष्‍ट्रीयता आदि) के अनुसार अपेक्षित विदेशी प्रतिभागियों की पूर्ण और अंतिम सूची । कृपया ध्‍यान दें कि एमईए और एमएचए सदैव पूर्ण व अंतिम सूची मांगते हैं । आंशिक/अपूर्ण सूचियों पर विचार नहीं किया जाता है और क्‍लीयरेंस प्रक्रिया में कम से कम 6-8 सप्‍ताह लगते हैं ।
  13. प्राइअर रेफरेंस कैटेगोरी (पीआरसी) वाले देशों (अर्थात् अफगानिस्‍तान, ईराक, पाकिस्‍तान, सूडान, पाकिस्‍तानी मूल के विदेशी और स्‍टेटलेस व्‍यक्तियों) से आये विदेशी प्रतिभागियों का विवरण अलग से उपलब्‍ध कराया जाना है । कृपया ऐसे प्रतिभागियों, यदि कोई हों, के सम्‍पूर्ण विवरण को अलग से संलग्‍न प्रोफार्मा (एमएस एक्‍सेल शीट) में प्रस्‍तुत करें क्‍योंकि उन्‍हें एमईए और एमएचए की विशिष्‍ट क्‍लीयरेंस की जरूरत होती है ।
ऐसे प्रस्‍तावों को अनुमोदन प्रदान करने के लिए सक्षम प्राधिकारी कौन है ?

अनुमानित व्‍यय 40 लाख से कम होने की स्थिति में प्रस्‍तावों को मंजूरी देने का अधिकार संबंधित मंत्री को होता है । यदि व्‍यय 40.0 लाख रुपये (सरकारी निधि) से अधिक है, तो प्रस्‍तावों को व्‍यय विभाग की स्‍वीकृति की आवश्‍यकता होती है और इस तरह के प्रस्‍तावों को आयोजन की तारीख से कम से कम एक माह पूर्व और निमंत्रण पत्र जारी होने से पूर्व वित्‍त मंत्रालय के समक्ष प्रस्‍तुत करने की आवश्‍यकता होती है ।

क्‍या प्रस्‍तावों को इस्‍टैड (ISTAD) द्वारा कार्रवाई की जा सकती है जब
  1. (क) सीएसआईआर संस्‍थान प्रधान आयोजक नहीं है और (ख) समग्र निधियां सीएसआईआर संस्‍थान के बैंक खाते से संचालित नहीं होती हैं ?
  2. नहीं । इस्‍टैड आवश्‍यक क्‍लीयरेंस के लिए प्रस्‍ताव को तभी आगे बढ़ा सकता है यदि (क) सीएसआईआर संस्‍थान प्रमुख आयोजक हो और (ख) समग्र निधियां संस्‍थान के मौजूदा बैंक खाते से संचालित हों ।
किस प्रकार की परियोजनाओं को सुरक्षा संवेदनशीलता क्‍लीयरेंस की आवश्‍यकता होती है ?

ऐसी सभी अनुसंधान परियोजनाएं, जिनमें किसी भी रूप में विदेशी सहयोग शामिल होता है, उनके कार्यान्‍वयन से पूर्व सुरक्षा/संवेदनशीलता क्‍लीयरेंस की आवश्‍यकता होती है ।

सुरक्षा संवेदनशीलता क्‍लीयरेंस प्रदान करने के लिए सक्षम प्राधिकारी कौन है ?

संबंधित एजेंसी के प्रशासनिक मंत्रालय का सचिव सक्षम प्राधिकारी होता है । सीएसआईआर के मामले में, सचिव, डीएसआईआर विदेशी भागीदारों/सहयोगियों से जुड़ी अनुसंधान परियोजनाओं को सुरक्षा संवेदनशीलता क्‍लीयरेंस प्रदान करते हैं ।

सुरक्षा/संवेदनशीलता क्‍लीयरेंस हेतु कार्रवाई करने के लिए कौन से दस्‍तावेज़/सूचना की आवश्‍यकता होती है ?

निम्‍नांकित सूचना/दस्‍तावेज़ों की आवश्‍यकता होती है:

  1. निधियन एजेंसी को प्रस्‍तुत किए गए प्रस्‍ताव की प्रति
  2. चेक लिस्‍ट और परियोजना सारांश के लिए भरा हुआ प्रोफार्मा
  3. सीएसआईआर के संबंधित संस्‍थान के निदेशक का प्रमाण पत्र
  4. प्रायोजक एजेंसी की अनुशंसा/सैद्धान्तिक रूप से दिया गया अनुमोदन
  5. उन प्रस्‍तावों के लिए निमंत्रण, जिनके लिए प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किया गया था
  6. परियोजना से अपेक्षित वास्‍तविक ठोस परिणाम और परिभाषित प्रौद्योगिकीय आउटपुट सहित संभावित योगदान
  7. आईपीआर से संबंधित मुद्दों के प्रबंधन हेतु उपाय
  8. संवेदनशील डेटा/जानकारी/सामग्री आदि को साझा करने के लिए उपयुक्‍त प्राधिकारी से प्राप्‍त क्‍लीयरेंस की प्रति
सीएसआईआर प्रयोगशालाओं/संस्‍थानों में विदेशी विशेषज्ञों/अनुसंधानकर्ताओं/छात्रों के भ्रमण हेतु अनुमोदन प्राप्‍त करने की क्‍या आवश्‍यक होता है ?

सीएसआईआर/प्रयोगशालाओं में विदेशी नागरिकों के सभी दौरों के लिए संबंधित भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों (विदेश मंत्रालय/गृह मंत्रालय, जैसा लागू हो) से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है।

विदेशी नागरिकों द्वारा सीएसआईआर प्रयोगशालाओं/संस्थानों में (क) सीएसआईआर/प्रयोगशालाओं/भारत सरकार के द्विपक्षीय/बहुपक्षीय/अंतर-संस्थागत सहयोग समझौतों के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के लिए और (ख) सीएसआईआर/प्रयोगशालाओं द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए किए जाने वाले दौरे को सीएसआईआर के महानिदेशक द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। आमंत्रित करने वाली सीएसआईआर प्रयोगशाला/संस्थान के निदेशक द्वारा विधिवत अनुमोदित और प्रयोगशाला/संस्थान के आईएसटीएजी द्वारा अग्रेषित दौरे के प्रस्ताव सीएसआईआर-आईएसटीएडी को कम से कम 1-2 महीने पहले भेजे जाने चाहिए।

सीएसआईआर प्रयोगशालाओं/संस्थानों में विदेशी नागरिकों के दौरे, जो सीएसआईआर/प्रयोगशालाओं/भारत सरकार के किसी द्विपक्षीय/बहुपक्षीय/अंतर-संस्थागत कार्यक्रम के अंतर्गत नहीं आते हैं, और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी के लिए, सीएसआईआर के महानिदेशक से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है। ऐसे दौरे अल्पावधि (15 दिनों तक) के हो सकते हैं, जिनका उद्देश्य सहयोग की संभावनाओं का पता लगाना/चर्चा करना, विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान/वार्ता देना, अनुसंधान यात्राओं में भाग लेना (एक देश से अधिकतम 2) हो सकता है, और लंबी अवधि के हो सकते हैं, जिनका उद्देश्य किसी बाहरी एजेंसी के प्रायोजन के तहत या उनकी व्यक्तिगत क्षमता में अनुसंधान अध्ययन/प्रशिक्षण/फेलोशिप/इंटर्नशिप आदि हो सकता है। प्रयोगशालाओं के लिए भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों (विदेश मंत्रालय/गृह मंत्रालय, जैसा लागू हो) से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है।

सुनामी संकट में सीएसआईआर की भूमिका क्या थी?

सुनामी राहत में सीएसआईआर के प्रयास समय पर बहुआयामी और बड़े रहे हैं। जीवित बचे लोगों के कष्टों को कम करने के लिए सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं ने अपने वैज्ञानिक और तकनीकी कौशल की पेशकश की। इन प्रस्तावों और पहलों में आश्रय, खाना, पीने का पानी और चल रहे अध्ययन है, जो भविष्य में आपदाओं से निपटने के हमारे ज्ञान और कौशल में सुधार करेंगे। इस ने अपने इतिहास में तत्काल भोजन का सबसे बड़ा उत्पादन किया। लगभग ५०००० से १००००० की भोजन की जरूरत को पूरा करने के लिए रोजाना 2 टन भोजन प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया। खाद्य वस्तुओं में स्थानीय लोगों की पाक-वरीयताओं और बच्चों की विशेष पोषण आवश्यकता को ध्यान में रखा गया। सीएसएमसीआरआई ,भावनगर ने प्रभावित क्षेत्रों में रिवर्स ऑस्मोसिस प्रक्रिया से पेयजल आपूर्ति प्रदान की। सीबीआरआई, रूरकी ने प्रभावित क्षेत्रों में वैज्ञानिकों की एक टीम रवाना कि। यह मौजूदा बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए व्यवहारिक समाधान प्राप्त करके तबाह क्षेत्रों के पुनर्वास में बैकअप के समर्थन प्रदान करने के लिए तैयार है। एससीआरसी, चेन्नई में क्षतिग्रस्त भवनों की संरचनात्मक आकलन में जीवित बचे लोगों की मदद करने का प्रस्ताव दिया है और वह मरम्मत/उपचारात्मक उपायों का सुझाव देगा। एनआईओ के वैज्ञानिक समुद्र तल के नीचे के भूकंप का पता लगाने के लिए एक प्रणाली पर काम कर रहे हैं। एनजीआरआई की भूकंप वेधशाला ने भूकंप और बाद के झटकों का मापन किया। यह क्षेत्र पर लगातार नजर रखे हुए हैं और जानकारी प्रदान करते रहते हैं ताकि उचित कार्यवाही की जा सके और जान माल का खतरा कम से कम किया जा सके।

सारस की विशेषताएं क्या है?

सारस एक 14 सीटर वाला 2 इंजन का टर्बोप्रॉप विमान है जो यात्री सुविधा के लिए पूर्ण रूप से दाबानुकूलित है। इसकी अधिकतम गति ६०० किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक है और १२०० किलोमीटर की अधिकतम सीमा है। इसकी अत्याधुनिक तकनीक, बिजली एवं पर्यावरण नियंत्रण और अन्य प्रणालियां इसे 21वीं सदी का समकालीन विमान बनाती हैं